International Journal of Leading Research Publication

E-ISSN: 2582-8010   •   Impact Factor: 9.56

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 7 Issue 10 October 2026 Submit your research before last 3 days of to publish your research paper in the issue of October.

मीरा बाई के काव्य में आध्यात्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत मुक्ति की अवधारणा

Author(s) शैफाली राजवाल
Country India
Abstract मीरा बाई मध्यकालीन भक्ति आंदोलन की प्रमुख संत-कवयित्री थीं, जिनके काव्य में आध्यात्मिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत मुक्ति तथा ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम का अद्वितीय समन्वय दिखाई देता है । उनका संपूर्ण काव्य श्रीकृष्ण के प्रति निष्काम भक्ति पर आधारित है, जिसमें सामाजिक बंधनों, जातिगत भेदभाव, रूढ़ियों तथा राजसी मर्यादाओं का स्पष्ट विरोध दिखाई देता है । मीरा ने अपने जीवन और काव्य के माध्यम से यह स्थापित किया कि आत्मा की वास्तविक स्वतंत्रता केवल ईश्वर-भक्ति और आत्मसमर्पण से ही संभव है । मीरा की आध्यात्मिक स्वतंत्रता का अर्थ बाहरी बंधनों से मुक्ति के साथ-साथ आंतरिक चेतना के जागरण से भी है । उन्होंने सांसारिक वैभव, पारिवारिक अपेक्षाओं और सामाजिक प्रतिबंधों को त्यागकर व्यक्तिगत आध्यात्मिक मार्ग का चयन किया । उनके पदों में कृष्ण के प्रति प्रेम केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है । यही प्रेम उन्हें निर्भयता, आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिरोध की शक्ति प्रदान करता है । व्यक्तिगत मुक्ति की अवधारणा मीरा के काव्य में आत्मानुभूति, भक्ति, प्रेम और वैराग्य के माध्यम से अभिव्यक्त होती है । उनके अनुसार मोक्ष किसी कर्मकांड, बाह्य आडंबर या सामाजिक प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और ईश्वर के साथ आत्मिक एकत्व से प्राप्त होता है । उनका काव्य स्त्री-अस्मिता, आध्यात्मिक समानता तथा मानव की आंतरिक स्वतंत्रता का सशक्त दस्तावेज़ है ।
वर्तमान समय में भी मीरा का काव्य सामाजिक समानता, आध्यात्मिक चेतना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है । इस प्रकार मीरा बाई का काव्य केवल भक्ति साहित्य की अमूल्य धरोहर ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत मुक्ति के सार्वकालिक दर्शन का भी प्रभावशाली प्रतिनिधित्व करता है ।
Keywords भक्ति आंदोलन, आध्यात्मिक स्वतंत्रता,व्यक्तिगत मुक्ति,कृष्ण भक्ति, आत्मसमर्पण, स्त्री, वैराग्य,मोक्ष
Field Arts
Published In Volume 7, Issue 7, July 2026
Published On 2026-07-31

Share this