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E-ISSN: 2582-8010
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Volume 7 Issue 6
June 2026
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वैश्वीकरण और भारतीय पारिवारिक संरचना में परिवर्तन : संयुक्त परिवार से एकल परिवार तक का समाजशास्त्रीय विश्लेषण
| Author(s) | किरण पड़िहार |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | वैश्वीकरण ने भारतीय समाज की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक संरचनाओं को गहराई से प्रभावित किया है, जिनमें पारिवारिक व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक संस्था के रूप में उभरकर सामने आती है। पारंपरिक भारतीय संयुक्त परिवार व्यवस्था, जो सामूहिकता, पारस्परिक सहयोग, सांस्कृतिक मूल्यों एवं भावनात्मक एकता पर आधारित थी, वर्तमान समय में तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। औद्योगीकरण, शहरीकरण, शिक्षा का प्रसार, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, रोजगार हेतु प्रवासन तथा उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रभाव ने एकल परिवार व्यवस्था को बढ़ावा दिया है। यह शोध लेख वैश्वीकरण के संदर्भ में भारतीय पारिवारिक संरचना में आए परिवर्तनों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में संयुक्त परिवार से एकल परिवार की ओर संक्रमण के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक कारणों का विवेचन किया जाएगा। साथ ही, पारिवारिक संबंधों, पीढ़ीगत मूल्यों, बुजुर्गों की स्थिति, बच्चों के समाजीकरण तथा महिलाओं की भूमिका में आए परिवर्तनों का भी अध्ययन किया जाएगा। यह शोध यह समझने का प्रयास करता है कि वैश्वीकरण ने भारतीय परिवार संस्था को किस प्रकार पुनर्परिभाषित किया है तथा इसके परिणामस्वरूप भारतीय समाज में कौन-कौन से नए सामाजिक आयाम विकसित हुए हैं। |
| Keywords | वैश्वीकरण, भारतीय पारिवारिक संरचना, संयुक्त परिवार, सामाजिक परिवर्तन, शहरीकरण, आधुनिकीकरण, औद्योगीकरण |
| Published In | Volume 7, Issue 5, May 2026 |
| Published On | 2026-05-23 |
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10.70528/IJLRP
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