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E-ISSN: 2582-8010     Impact Factor: 9.56

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आधुनिक हिंदी कविता में स्त्री-अस्मिता की अभिव्यक्ति: निराला और महादेवी वर्मा की स्त्री-चेतना का तुलनात्मक विश्लेषण

Author(s) Manoj Dandotiya, Dr. Nishu Sharma
Country India
Abstract आधुनिक हिंदी कविता में स्त्री-अस्मिता का प्रश्न एक केंद्रीय विमर्श के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसमें स्त्री की सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक स्थिति का बहुआयामी चित्रण किया गया है। प्रस्तुत शोध-लेख का उद्देश्य सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और महादेवी वर्मा की काव्य-रचनाओं में स्त्री-चेतना के स्वरूप का तुलनात्मक अध्ययन करना है। निराला की कविता में स्त्री एक विद्रोही, संघर्षशील और सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध खड़ी होने वाली सशक्त इकाई के रूप में उभरती है, जबकि महादेवी वर्मा की कविता में स्त्री की चेतना संवेदनशील, आत्मानुभूति से परिपूर्ण और आंतरिक वेदना से संचालित दिखाई देती है। यह अध्ययन इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि दोनों कवियों ने भिन्न दृष्टिकोणों के माध्यम से स्त्री-अस्मिता के विविध आयामों को उजागर किया है, जो आधुनिक हिंदी साहित्य में स्त्री-विमर्श को सशक्त आधार प्रदान करते हैं।
Keywords स्त्री-अस्मिता, स्त्री-चेतना, निराला, महादेवी वर्मा, आधुनिक हिंदी कविता, तुलनात्मक अध्ययन
Published In Volume 6, Issue 7, July 2025
Published On 2025-07-08

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