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E-ISSN: 2582-8010     Impact Factor: 9.56

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कोविड-19 काल में भारत की वैक्सीन कूटनीति का अंतर्राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव

Author(s) डॉ. राकेश कुमार जायसवाल
Country India
Abstract कोविड-19 महामारी ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, आपूर्ति शृंखला और मानवीय सहयोग को अभूतपूर्व केंद्रीयता प्रदान की। 2020-2021 के दौरान जब विकसित देशों में ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ और अग्रिम खरीद समझौतों के कारण टीकों की विषमता बढ़ रही थी, उस समय भारत ने ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल के माध्यम से वैश्विक दक्षिण, पड़ोसी देशों तथा बहुपक्षीय मंचों पर एक सक्रिय और दावेदार भूमिका निभाई। भारत ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन की करोड़ों खुराकें अनुदान, वाणिज्यिक बिक्री और कोवैक्स सुविधा के माध्यम से विभिन्न देशों को उपलब्ध कराईं। इस शोधपत्र का उद्देश्य भारत की वैक्सीन कूटनीति का विश्लेषण सॉफ्ट पावर, स्वास्थ्य कूटनीति, दक्षिण-दक्षिण सहयोग, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, क्वाड, और चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में करना है। यह अध्ययन तर्क देता है कि भारत की वैक्सीन कूटनीति केवल मानवीय सहायता कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह 21वीं सदी की विदेश नीति का एक बहुआयामी उपकरण थी जिसने भारत की ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ छवि को सुदृढ़ किया, पड़ोस प्रथम नीति को क्रियात्मक आधार दिया, ग्लोबल साउथ में भारत की स्वीकृति बढ़ाई, और बहुपक्षीय मंचों पर भारत को एक जिम्मेदार, नियम-आधारित तथा न्यायोन्मुख शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही, यह भी स्पष्ट हुआ कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा केवल नैतिक दावों से नहीं, बल्कि सतत घरेलू क्षमता, उत्पादन अवसंरचना और संकट-प्रबंधन की दक्षता से भी जुड़ी होती है। अप्रैल 2021 में भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान वैक्सीन निर्यात पर रोक ने भारत की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाए, विशेषकर कोवैक्स आपूर्ति बाधित होने के कारण। शोधपत्र का निष्कर्ष है कि भारत की वैक्सीन कूटनीति ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की शक्ति-संरचना में स्वास्थ्य को एक निर्णायक घटक के रूप में स्थापित किया और भारत को वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधि, मानवीय शक्ति, और रणनीतिक संतुलनकर्ता के रूप में उभारा। किंतु इस अनुभव ने यह भी सिद्ध कर दिया कि यदि घरेलू सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता, उत्पादन-योजना और निर्यात-नीति में समुचित संतुलन न हो, तो सॉफ्ट पावर अर्जन जितनी शीघ्रता से होता है, उतनी ही शीघ्रता से क्षीण भी हो सकता है।
Keywords वैक्सीन मैत्री, सॉफ्ट पावर, स्वास्थ्य कूटनीति, दक्षिण-दक्षिण सहयोग, कोवैक्स, क्वाड, भारतीय विदेश नीति, ग्लोबल साउथ, बहुध्रुवीयता, वैक्सीन राष्ट्रवाद
Published In Volume 2, Issue 12, December 2021
Published On 2021-12-10
DOI https://doi.org/10.70528/IJLRP.v2.i12.2107
Short DOI https://doi.org/hbwt9j

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