International Journal of Leading Research Publication

E-ISSN: 2582-8010     Impact Factor: 9.56

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 7 Issue 1 January 2026 Submit your research before last 3 days of to publish your research paper in the issue of January.

बिहार योग विद्यालय का सामाजिक सदभाव में योगदान

Author(s) अर्पित मीणा
Country India
Abstract वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य सामाजिक सदभाव और वैश्विक परिवर्तन के लिए योग की आवश्यकता और महत्व का विश्लेषण करना है । योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा पर कार्य करता है । इसलिए इसे वैश्विक कला के रूप में जाना जाता है । यदि हमारा शरीर, मन और आत्मा स्वस्थ और सामंजस्यपूर्ण हैं, तो हम मानवता के वैश्विक शरीर का एक स्वस्थ और सामंजस्यपूर्ण अंग बनकर समाज, राष्ट्र और विश्व में स्वास्थ्य और सद्भाव ला सकते हैं । योग का आकर्षण सार्वभौमिक है और यह जाति, पंथ, धर्म या राष्ट्र के भेद के बिना विश्व मानवता के लिए लागू है । आज वैश्विक स्तर पर हम आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, नस्लीय घृणा, ग्लोबल वार्मिंग आदि जैसी कई समस्याओं को देख रहे हैं । यह योग ही है जो इन वैश्विक समस्याओं का स्थायी समाधान दे सकता है । योग के सदियों पुराने दर्शन का प्रसार और अभ्यास करके विश्वव्यापी स्तर पर व्यक्तिगत व्यक्तित्व के नैतिक, नैतिक और सांस्कृतिक परिष्कार की आवश्यकता है ।
Keywords सामाजिक सदभाव, मन, आत्मा, वैश्विक कला, मानवता
Field Arts
Published In Volume 7, Issue 1, January 2026
Published On 2026-01-20

Share this