International Journal of Leading Research Publication

E-ISSN: 2582-8010     Impact Factor: 9.56

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 7 Issue 1 January 2026 Submit your research before last 3 days of to publish your research paper in the issue of January.

गोदान: एक ग्रामीण परिवेश

Author(s) सुरज्ञान चौधरी
Country India
Abstract गोदान 1936 ई. में प्रकाशित मुंशी प्रेमचन्द का ग्रामीण जीवन पर आधारित उपन्यास है। भारत के ग्रामीण परिवेश को जानने में साहित्य बहुत बड़ी मदद करता है। साहित्य समाज का दर्पण होता है। इसी साहित्य में उपन्यास एक ऐसी विद्या है जिसमें समग्र जीवन का उल्लेख मिलता है।
मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित गोदान में ग्रामीण समाज के शोषण, अभाव और संघर्ष का चित्रण मिलता है। ग्रामीण शेषण का जैसा चित्रण इस उपन्यास में मिलता है, वैसा अन्यत्र दुर्लभ है। प्रेमचन्द का यह उपन्यास आज के समय में उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके अपने दौर में। प्रस्तुत शोध पत्र में ग्रामीण जीवन के पक्ष में गोदान का विवेचन किया गया है।
Keywords .
Field Arts
Published In Volume 6, Issue 6, June 2025
Published On 2025-06-07

Share this